श्रीहरि विष्णु के अवतार ( कल्कि-अवतार ) भाग 10



कल्कि अवतार- कलयुग के अंत में जब सत्पुरुषों के घर भी भगवान की कथा में बाधा होंगी, ब्राह्मण, क्षत्रिय, और वैश्य पाखंडी हो जायेंगे और शूद्र राजा होंगे, यहां तक कि कहीं भी स्वाहा, स्वधा और वषट्कार की ध्वनि नहीं सुनाई पड़ेगी । जब राजा लोग प्राय: लुटेरे हो जायेंगे, तब कलियुग का शासन करने के लिए भगवान बालक रूप में शंभल ग्राम में विष्णुयश के घर में अवतार ग्रहण करेंगे ।

शंभलग्राम ( मुरादाबाद जिला ) में विष्णुयश नाम की एक श्रेष्ठ ब्राह्मण होंगे । उनका हृदय बड़ा उदार एवं भगवद्भक्ति से पूर्ण होगा । मन के द्वारा चिंतन करते हैं उनके पास इच्छानुसार वाहन, अस्त्र- शस्त्र, योद्धा फोन चार्ज उपस्थित हो जायेंगे । 

" परशुराम जी उनको वेद पढ़ावेंगे । शिवजी शस्त्रास्त्रों का संधान सिखावेंगे, साथ ही एक घोड़ा और एक खडग देंगे । तब कल्कि भगवान ब्राह्मणों की सेना साथ लेकर संसार में सर्वत्र फैले हुए  का नाश करेंगे । पापी दुष्टों का नाश करके वे सत्ययुग के प्रवर्तक होंगे । वे ब्राह्मण कुमार बड़े ही बलवान, बुद्धिमान और पराक्रमी होंगे । धर्म के अनुसार विजय प्राप्त करके वे चक्रवर्ती राजा होंगे और इस संपूर्ण जगत को आनन्द प्रदान करेंगे

श्री कल्कि-अवतार की जय
गोस्वामी नाभाजी कृत "श्री भक्तमाल" से प्रेरित

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